9 th International Herbal Fair IN Bhopal : भोपाल में कल से शुरू हो रहा 9 वां इंटरनेशनल हर्बल मेला, महुआ का च्यवनप्राश होगा खास, इस बार दो दिन ज्यादा लगेगा मेला, बनेंगे ओपीडी

9 th International Herbal Fair IN Bhopal : भोपाल में कल से शुरू हो रहा 9 वां इंटरनेशनल हर्बल मेला, महुआ का च्यवनप्राश होगा खास, इस बार दो दिन ज्यादा लगेगा मेला, बनेंगे ओपीडी

भोपाल। 9 th International Herbal Fair IN Bhopal  राजधानी भोपाल में मंगलवार से अंतराष्ट्रीय हबर्ल मेला लगने जा रहा है। लाल परेड मैदान में लगने वाले इस मेले में इस बार बहुत कुछ खास रहने वाला है। वो इसलिए क्योंकि इस आम जनता की सुविधा के लिए मेले का समय 2 दिन ज्यादा बढ़ा दिया गया है। तो वहीं इस बार मेले में महुआ से बनी च्वयनप्राश भी लोगों के लिए खास रहेगी।

इतने दिन का होगा मेला, 300 से ज्यादा दुकानें लगेंगी —
आपको बता दें 9वें इस अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेल की शुरुआत मंगलवार से भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में हो रही है। सात दिन तक चलने वाले मेले में इस बार 300 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। जिसमें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उड़ीसा, महाराष्ट्र सहित कई और राज्यों के हर्बल उत्पाद देखने को मिलेंगे। इस बार मेला 5 दिन की बजाय 7 दिन के लिए लगाया गया है।

चिकित्सक देंगे नि:शुल्क प्रशिक्षण —
लोगों आयुर्वेद संबंधी जानकारियों व अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए यहां ओपीडी भी बनाया जाएगा। मेले में विभिन्न शासकीय विभागों की प्रदर्शनी लगाई जाएगीं और मध्यप्रदेश के प्रमुख आयुर्वेदिक विद्यालयों के स्टॉल लगेंगे। मेले में चिकित्सा परामर्श हेतु ओपीडी के स्टॉल स्थापित किए जा रहे हैं जिसमें 100 से अधिक आयुर्वेदिक डॉक्टर और वैद्य लोगों को निःशुल्क चिकित्सा का परामर्श दिया जाएगा।

इस बार 3 करोड़ ज्यादा एमओयू की उम्मीद —
वन मंत्री विजय शाह द्वारा रविवार को मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार इस बार हर्बल मेला की टैगलाइन 'लघु वनोपज से आत्मनिर्भरता' है। वर्ष 2011 से प्रारंभ हुए अंतरराष्ट्रीय हर्बल मेला मध्य प्रदेश के वनोपज उत्पादकों को व्यापार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वन मेले में 14 करोड़ के एमओयू हुए थे। जो इस बार बढ़कर 20 करोड़ तक होने की उम्मीद है। हर्बल उत्पादों को व्यापार देने के लिए एक पुस्तक का प्रकाशन किया जा रहा है। जिसमें बेचने और खरीदने वालों के पते होंगे। जिससे दोनों एक दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। हम ऐसी बड़ी कंपनियों से भी बात कर रहे हैं जो हर्बल उत्पादकों से फसल लगाने के पहले करार कर सके। उन्होंने कहा कि हमारा मूल परामर्श देंगे।

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