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दमोह। प्रदेश की दमोह विधानसभा सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव हुए हैं। इस उपचुनाव में कोरोना नियमों को ताक पर रखकर प्रचार किया गया है। यहां लगातार सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर प्रचार किया गया है। अब इन चुनावों का 2 मई को मतगणना की जाएगी। इसको लेकर मप्र हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने दो अधिवक्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए उपचुनाव के परिणामों के बाद किसी भी तरह के जश्न और रैली पर रोक लगाई है।
साथ ही कोर्ट ने मतगणना के दिन कोरोना नियमों का पालन करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव परिणाम किसी भी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में आए। इन परिणामों के बाद यहां किसी तरह का जश्न या फिर रैलियां नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम दिशानिर्देश दिए हैं।
मतगणना को लेकर भी जारी किए निर्देश
कोर्ट ने यह भी कहा है कि अन्य राज्यों के चुनाव के मामले में हाईकोर्ट को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है, लेकिन दमोह उपचुनाव को लेकर जारी किए जा रहे हैं। इनका पालन किया जाना चाहिए। आगामी मतगणना प्रक्रिया में भी कोविड गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि मतगणना केंद्र पर अनावश्क भीड़ जमा न हो। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
बता दें कि प्रदेश के दमोह विधानसभा सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव हुआ है। वहीं इसका रिजल्ट 2 मई को घोषित किया जाएगा। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच जोरदार घमासान देखने को मिला है। अब सभी प्रत्याशियों के भाग्य मतदान पेटी में बंद हैं। भाजपा ने यहां से राहुल लोधी को उतारा था। वहीं कांग्रेस ने अजय टंडन पर भरोसा जताया था। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। अब देखना होगा कि इस सीट पर कौन सा दल अपनी जीत दर्ज करा पाता है।
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