Haryana Budget 2021: 50 हजार युवाओं को मिलेगी निजी क्षेत्र में नौकरी, 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त करने की घोषणा

चंडीगढ़। (भाषा) हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2021-22 के (Haryana Budget 2021) लिए 1.55 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य विधानसभा में अपना दूसरा बजट पेश किया। खट्टर के पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है। खट्टर ने कागजरहित बजट अनुमानों में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है। वित्त वर्ष 2021-22 का बजट बढ़ाकर 1,55,645 करोड़ रुपये किया गया है। यह इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2020-21 के 1,37,738 करोड़ रुपये के बजट से 13 प्रतिशत अधिक है। बजट व्यय में 25 प्रतिशत या 38,718 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 75 प्रतिशत या 1,16,927 करोड़ रुपये राजस्व व्यय है। बजट अनुमानों के अनुसार राजस्व घाटा 29,193 करोड़ रुपये (राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 3.29 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।

1 अप्रैल से वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाया

चालू वित्त वर्ष में इसके 20,856 करोड़ रुपये रहने (Haryana Budget 2021) का अनुमान है। मार्च, 2020 तक हरियाणा पर कर्ज देनदारी बढ़कर 2,29,976 करोड़ रुपये या राज्य सकल घरलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 25.92 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है। मार्च, 2021 तक इसके 1,99,823 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। खट्टर ने एक अप्रैल से वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 2,500 रुपये (Haryana Budget 2021)मासिक करने का प्रस्ताव किया। अभी यह 2,250 रुपये है। खट्टर ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने असाधारण चुनौतियां पैदा की हैं और इसने ‘हमें कई सबक भी सिखाएं हैं’। उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि विशेषरूप से इस संकट के समय बजट में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए, जो अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए जरूरी है। हमने स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा है।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हरियाणा की आर्थिक वृद्धि के लिए किसानों को समर्थन जारी रखेगी।

कृषि क्षेत्र में 6,110 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 6,110 करोड़ रुपये के व्यय (Haryana Budget 2021) का प्रस्ताव किया गया है। यह 2020-21 के 5,052 करोड़ रुपये के व्यय की तुलना में 20.9 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 2,998 करोड़ रुपये कृषि और कृषक कल्याण, 489 करोड़ रुपये बागवानी, 1,225 करोड़ रुपये पशुपालन और डेयरी, 125 करोड़ रुपये मत्स्यपालन और 1,274 करोड़ रुपये सहकारिता के लिए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने किसानों के ऋणी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से आज हरियाणा को देश का प्रमुख खाद्यान्न उत्पादक प्रदेश बनाया है। कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हम किसानों की आय को दोगुना करने को प्रतिबद्ध हैं।’’ 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाकर 7,731 करोड़ रुपये किया गया है। 2020-21 में यह 6,433 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सरकार की योजना कक्षाओं (क्लासरूम) के ढांचे का अद्यतन करने का है। सभी सरकारी स्कूलों में प्रौद्योगिकी आधारित पढ़ाई के लिए 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।यह आवंटन डिजिटल टैबलेट, डिजिटल कक्षा आदि के लिए है।

12वीं कक्षा तक शिक्षा मुफ्त करने की घोषणा

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में सभी (Haryana Budget 2021) श्रेणियों के बच्चों के लिए नौवीं से 12वीं कक्षा तक शिक्षा मुफ्त करने की घोषणा की है। बजट प्रावधानों के अनुसार बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा और अवसरों के लिए 192 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में वंचित समूहों के लिए विशेष शिक्षा क्षेत्र (एसईजेड) बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे इन समूहों (Haryana Budget 2021) के बच्चों के नामांकन में सुधार होगा। इन एसईजेड में छात्राओं को ऊंची वित्तीय सहायता के लिए 114.52 करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है। खट्टर ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान की भी घोषणा की। इस अभियान के तहत परिवार पहचान पत्र के सत्यापित आंकड़ों के जरिये राज्य के सबसे गरीब एक लाख परिवारों की पहचान की जाएगी। ऐसे परिवारों को सालाना न्यूनतम 1.80 लाख रुपये की आमदनी तक पहुंचाने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इनमें ऐसे परिवारों की शिक्षा, कौशल विकास, वेतन रोजगार, स्व रोजगार और रोजगार सृजन शामिल है।

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