MP News: 5 महीने पहले अपर कलेक्टर बने 40 अफसरों को पोस्टिंग का इंतजार, पद के मुताबिक जिम्मेदारी नहीं दे पा रही सरकार

MP News: 5 महीने पहले अपर कलेक्टर बने 40 अफसरों को पोस्टिंग का इंतजार, पद के मुताबिक जिम्मेदारी नहीं दे पा रही सरकार

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MP News: मध्यप्रदेश में पांच महीने पहले संयुक्त कलेक्टर से प्रमोट हुए 40 अफसरों को राज्य सरकार अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ नहीं कर सकी है। साथ ही उन्हें पद के मुताबिक जिम्मेदारी भी नहीं सौंपी गई है। जिससे वे संयुक्त कलेक्टर का कार्य करने के लिए मजबूर हैं।
यहां बता दें] मार्च में महाशिवरात्रि पर्व पर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने आदेश जारी कर 40 संयुक्त कलेक्टर को अपर कलेक्टर के पद पर प्रमोट किया (MP News) था।

इन अफसरों के साथ भी यही स्थिति

इसी पांच और संयुक्त कलेक्टरों को क्रमोन्नत कर अपर कलेक्टर और तीन डिप्टी कलेक्टरों को संयुक्त कलेक्टर बना दिया है। कमोबेश यही स्थिति डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर बनाए गए अफसरों के मामले में भी है।

उधर, जीएडी ने कई अफसरों को एक पखवाड़े में निलंबन से बहाल करने के भी आदेश जारी किए (MP News) हैं।

इन अफसरों को किया गया प्रमोट

राज्य प्रशासनिक सेवा (SOS) के जिन अफसरों को अपर कलेक्टर पद पर प्रमोट किया है। उनमें शैलेंद्र कुमार हिनोतिया संयुक्त कलेक्टर बैतूल, देवकी नंदन संयुक्त कलेक्टर ग्वालियर, वंदना जाट संयुक्त कलेक्टर नरसिंहपुर और राजेश शाह संयुक्त कलेक्टर नीमच शामिल (MP News) हैं।

समिति की मिल चुकी है क्लीनचिट

इन अफसरों के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच को लेकर फरवरी 2024 में हुई बैठक हुई थी। जिसमें विभागीय चयन समिति ने इन्हें क्लीनचिट दी थी और अपर कलेक्टर का वेतनमान देने पर सहमति जताई गई थी। इसके आधार पर इन्हें क्रमोन्नत किया है।

इसके अलावा एक अन्य आदेश में रतलाम जिले में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना को अपर कलेक्टर पद पर क्रमोन्नति देने के आदेश जारी किए (MP News) हैं।

इन्हें दिया गया संयुक्त कलेक्टर का वेतनमान

सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर श्योपुर के पद पर पदस्थ रहे भानु प्रकाश श्रीवास्तव को उनके मृत्यु उपरांत संयुक्त कलेक्टर के पद पर काल्पनिक पदोन्नति दी है। इसी तरह, एक अन्य मामले में पुष्पेंद्र अहाके डिप्टी कलेक्टर का निलंबन बहाल होने के बाद उन्हें संयुक्त कलेक्टर पद पर क्रमोन्नति दी गई है।

ये अफसर निलंबन से बहाल

धोखाधड़ी के मामले में निलंबित किए गए डिप्टी कलेक्टर प्रताप सिंह धुर्वे को संयुक्त कलेक्टर पद पर क्रमोन्नति दी गई है। धुर्वे अभी मंडला जिले में पदस्थ हैं। इनके विरुद्ध पांच साल से केस चल रहा है। इसके अलावा तीन साल से अधिक समय से निलंबित छतरपुर एसडीएम अनिल सपकाले को भी बहाल कर दिया गया है। धुर्वे के खिलाफ सिवनी में तहसीदार रहते धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर हुई थी।

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दो अफसरों को मिला रिटायरमेंट के बाद वेतनमान

सामान्य प्रशासन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में जारी आदेश में अपर कलेक्टर स्तर के दो अफसरों को 30 जून को रिटायर होने के बाद एक जुलाई से काल्पनिक वेतनवृद्धि दी है। इसका लाभ उन्हें पेंशन में मिलेगा।

इनमें से एक अधिकारी पुरुषोत्तम गुप्ता 30 जून 2017 को रिटायर हुए थे और एक जुलाई 2017 की स्थिति में उन्हें वेतनवृद्धि का लाभ कोर्ट के आदेश के आधार पर दिया गया है। इसी तरह मनोज कुमार ठाकुर को 30 जून 2023 को रिटायर होने के बाद 1 जुलाई 2023 से मिलने वाले वेतनवृद्धि का लाभ दिया है।

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