4 November Aaj Ka Ethihas: क्या आपको याद है ? आपका प्यारा हैरी पॉटर, जानिए क्या कहता है आज का इतिहास

4 November Aaj Ka Ethihas: क्या आपको याद है ? आपका प्यारा हैरी पॉटर, जानिए क्या कहता है आज का इतिहास

नई दिल्ली। 4 November Aaj Ka Ethihas: गोल मटोल चेहरे पर गोल फ्रेम वाला चश्मा पहने भोले भाले हैरी पॉटर से दुनिया का बच्चा बच्चा वाकिफ है। जे. के. रोलिंग ने अपनी किताबों में हैरी पॉटर के किरदार और एक जादुई दुनिया की रचना की, जिसमें जादू का विद्यालय, झाड़ू की सवारी और अजीब अजीब से जानवर बहुत सी कहानियों में गढ़े गए थे। इन किताबों पर बनी पहली फिल्म ‘हैरी पॉटर एंड द सारसर्स स्टोन’ का वर्ल्ड प्रीमियर 4 नवंबर 2001 को लंदन में हुआ। अब तक हैरी पॉटर श्रृंखला की ढेरों हॉलीवुड फिल्में बन चुकी हैं और सफलता की एक अलग ही कहानी लिख चुकी हैं। इक्कीसवीं सदी के इस सबसे मशहूर उपन्यास से 21वीं सदी की सबसे मशहूर फिल्में बनाई गई हैं। फिल्म का मुख्य किरदार हैरी पॉटर है। वह और उसके कुछ दोस्त जादू के विद्यालय में जादू सीखते हैं और कदम कदम पर हैरतअंगेज घटनाओं से दो चार होते हैं। फिल्म में अनोखे नाम वाले मिथकीय चरित्र हैं।

देश दुनिया के इतिहास में चार नवंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है।

1936 : प्रख्यात गणितज्ञ शकुंतला देवी का जन्म।

1956 : हंगरी में बगावत को कुचलने के लिए सोवियत सेनाएं वहां पहुंची।

1979 : ईरान में बंधक संकट की शुरूआत। तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान के उग्रवादियों ने हमला कर वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाया। बहुत से लोगों को एक वर्ष से अधिक समय तक बंधक रखा गया।

1980: हॉलीवुड के पूर्व अभिनेता और कैलिफोर्निया के गवर्नर रोनाल्ड रीगन ने जिमी कार्टर को बड़े अंतर से हराकर अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव जीता।

1995 : शिमोन पेरेज और यासर अराफात के साथ 1994 में नोबेल शांति पुरस्कार साझा करने वाले इस्राइल के प्रधानमंत्री यित्जक राबिन की एक शांति रैली के दौरान यहूदी उग्रवादियों ने हत्या कर दी।

2001 : जे के रोलिंग्स की मशहूर हैरी पॉटर श्रृंखला पर बनी पहली फिल्म हैरी पॉटर एंड द सारसर्स स्टोन का लंदन में प्रीमियर।

2008 : डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने। वह इस पद पर पहुंचे अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी नागरिक थे।

2018 : यमुना नदी पर बने विशाल सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन। लोहे की मजबूत तारों से बने 154 मीटर ऊंचे इस सुंदर ढांचे को दिल्ली का नया हस्ताक्षर कहा गया।

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