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Manipur Violence: जहां कुछ दिन पहले मणिपुर हिंसा के कारण जल रहा था। हिंसा के कारण 50 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आई थी, हालांकि, बंसल न्यूज इसकी पुष्टि करता। वहीं, कई लोग घायल हो गए थे। हिंसा के दौरान वहां डर का माहौल हो गया था। रेलवे ने मणिपुर की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को रोक दिया था। हालांकि, सेना के जवानों की मदद से स्थिति पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।
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वहीं, अब मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को दावा करते हुए कहा है कि मणिपुर हिंसा में शामिल कम से कम 30 आतंकवादी मारे गए हैं। बता दें कि सारे आतंकवादी राज्य में हिंसक झड़पों के दौरान नागरिकों के खिलाफ अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार थे। इसके अलावा कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का यह बयान उस वक्त आया है जब मणिपुर सरकार ने इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध को 31 मई तक बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के दौरान 3 मई को झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारी मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (ST) के दर्जे की मांग के खिलाफ थे।
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मणिपुर हिंसा के दौरान धूं-धूं कर जलती गाड़ियां[/caption]
राज्य में अभी भी अशांति बनी हुई है, यहां तक कि मणिपुर में संघर्ष शुरू हुए लगभग एक महीना हो गया है। इससे पहले गुरुवार को मणिपुर के बिष्णुपुर में भड़की ताजा हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।
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इससे पहले मणिपुर दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया था कि 25 मई को अमित शाह ने आश्वासन दिया था कि दोनों समूहों (आदिवासी और गैर-आदिवासी) को न्याय मिलेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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