Mobile Fraud : लगभग 150 लोगों को 25 हजार का मोबाइल 4500 में बेचा! बाद में ​हकीकत आई सामने

Mobile Fraud

भोपाल। अगर आप को कोई 25 हजार का मोबाइल 4500 या और भी कम दामों में दे रहा है तो आप सावधान हो जाएं। कोई भी ​कंपनी इतने मंहगे फोन को इतने काम दाम में नहीं बेच सकता, सिर्फ ठगी Fraud करने वाले लोग इस तरह का ऑफर देकर लोग से ठगी कर रहे है। इस तरह की ठगी Mobile Fraud करने वाले 2 लोगों को भोपाल पुलिस MPPOLICE ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने मध्यप्रदेश में 170 लोग के साथ इस तरह धोखाधडी का अपना शिकार बनाया है।

अनजान मोबाइल नम्बर से काल आया
कोलार पुलिस KOLAR POLICE ने बताया कि आवेदक कुबेर निवारे निवासी राजहर्ष कालोनी कोलार रोड़ जो प्रायवेट नौकरी करते है उन्होंने शिकायत की, कि उनके मोबाइल पर अनजान मोबाइल नम्बर से काल आया और बात करने वाले ने अपने आप को एमआई रेडमी कंपनी का रिप्रेजेन्टेटिव बताते हुये आँफर के तहत रेडमी नोट एट/टू मोबाइल फोन जिसकी असल कीमत करीबन 25000/- रुपये है को मात्र 4500/- रुपये में देने का बताया और पेमेन्ट डिलीवरी के बाद करना बताया।

कोलार थाने में शिकायत किया
03 अगस्त को 2020 को आवेदक के घर पर पोस्टमेन एक पैकेट लेकर आया जिसे आवेदक 4500 रुपये का पैमेन्ट कर प्राप्त किया। जब आवेदक नें पैकेट को खोला तो उसके अंदर मोबाइल के स्थान पर गत्ते के टुकडे रखे मिले। जिसके बाद आवेदक ने कोलार थाने में शिकायत किया।

टीम को दिल्ली भेजा गया
कोलार पुलिस ने मामले की जांच की। जिसमें जानकारी जुटाई गई कि दिल्ली में बैठकर इस गिरोह के लोग ठगी करते है। संदेहियो को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक दक्षिण भोपाल साई कृष्णा थोटा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन 01 रजत सकलेजा द्वारा निर्देश दिये गये और पुलिस टीम का गठन कर एक टीम को दिल्ली भेजा गया।

मोबाइल लोकेसन से पीछा करती रही पुलिस
कोलार पुलिस टीम द्वारा लगातार दो दिन तक दिल्ली में रहकर संदेहियो की मोबाइल लोकेसन से पीछा करती रही।इसके बाद पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर दो लोगों को पकडा।

इस तरह देते थे झांसा
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी अनाम हैदर एंव दूसरे आरोपी जफर खान से पूछताछ में सामने आया कि वे नांगलोई, नजबगढ रोड़ नई दिल्ली में किराये का मकान लेकर रखा था और वहीं से लोगो को ब्राण्डेड मोबाइल आफर के तहत सस्ते में बेचे जाने का झांसा देते थे जब व्यक्ति मोबाइल लेने के लिए राजी हो जाता तो उसका पता लेकर मोबाइल पैकेट के आकार का एक पैकेट तैयार कर डाक से भेज देते थे जो पैकेट डाक से खरीददार के घर पहुंचता था और खरीददार मोबाइल की कीमत डाकिया को दे देता था फिर आरोपी अपने संबंधित डाकघर से उस रकम को ले लेते थे।

ये बातें भी आई सामने
पूछताछ में आरोपीगण नें यह भी बताया कि वह गूगल पर किसी भी मोबाइल कंपनी के सिम नम्बर की सीरीज डालकर कुछ मोबाइल नम्बर हासिल कर लेते थे फिर उन्हीं मोबाइल नम्बरों के आगे पीछे अंक बदलकर लोगों को आफर के नाम पर सस्ते में मोबाइल देने का झांसा देकर धोखाधड़ी करते थे।

कितने लोगों के साथ ठगी की खुद नहीं पता
दोनों आरोपी बीकाँम तथा बीकाम (आनँर्स) की पढाई दिल्ली विश्वविघालय से की है जो मूलतः दरभंगा बिहार के रहने वाले है। जो कि इस तरह का धंधा चलाने के मास्टर माइंड है। आरोपियों द्वारा लोगों से साथ धोखाधडी कर दिल्ली में ही अपने-अपने मकान भी बना लिये है। आरोपी काफी समय से इस प्रकार के गोरखधंधे में लिप्त थे तथा कई लोगों को चूना लगा चुके है। इन्हे स्वयं भी याद नही कै कि इन्होंने कितने लोगो के साथ ठगी की है।

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