मूल्य के हिसाब से दुनिया की शीष 500 कंपनियों की सूची में भारत की 11 कंपनियां शामिल

मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) दुनिया में 500 सर्वाधिक मूल्यवान कंपनियों की सूची में भारत की निजी क्षेत्र की 11 कंपनियों ने जगह बनायी है। इस प्रतिष्ठित सूची में देश 10वें स्थान पर है।

इन 11 कंपनियों का कुल मूल्य पिछले साल 14 प्रतिशत बढ़ा और इनका मूल्यांकन 805 अरब डॉलर या भारत के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का करीब एक तिहाई आंका गया है।

हारून ग्लोबल 500 रिपोर्ट के अनुसार आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक को छोड़कर सूची में शामिल इन कंपनियों का मूल्यांकन कोविड-19 महामारी से प्रभावित 2020 के दौरान बढ़ा है।

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलांस इंडस्ट्रीज स्थानीय कंपनियों में शीर्ष पर है। एक दिसंबर की स्थिति के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन साल के दौरान 20.5 प्रतिशत उछलकर 168.8 अरब डॉलर पहुंच गया। कंपनी वैश्विक सूची में 54वें स्थान पर है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मूल्यांकन साल के दौरान 30 प्रतिशत बढ़कर 139 अरब डॉलर रहा। कंपनी वैश्विक स्तर पर 73वीं तथा भारत में दूसरी सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी रही।

रिपोर्ट के अनुसार जहां एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 11.5 प्रतिशत बढ़कर 107.5 अरब डॉलर रहा वहीं हिंदुस्तान लीवर 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 68.2 अरब डॉलर रहा। इन्फोसिस का मूल्यांकन 56.6 प्रतिशत बढ़कर 66 अरब डॉलर जबकि एचडीएफसी लि. का 2.1 प्रतिशत बढ़कर 56.4 अरब डॉलर रहा। कोटक महिंद्रा बैंक का मूल्यांकन 16.8 प्रतिशत लाभ के साथ 50.6 अरब डॉलर रहा।

रिपोर्ट के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 0.5 प्रतिशत घटकर 45.6 अरब डॉलर रहा। इस लिहाज से कंपनी सूची में 316वें स्थान पर रही। जबकि आईटीसी का मूल्यांकन 22 प्रतिशत कम होकर 32.6 अरब डॉलर रहा और वह सूची में 480वें स्थान पर रही।

पांच सौ कंपनियों की इस सूची में एप्पल 2,100 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ शीर्ष पर है। दूसरे स्थान पर 1,600 अरब डॉलर के साथ माइक्रोसॉफ्ट है।

सूची में सर्वाधिक 242 कपनियां अमेरिकी जबकि चीन की 51 और जापान की 30 कंपनियां हैं।

रिपार्ट के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई 45 इकाइयों की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहा है। बैंक 33 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ अंतिम पायदान पर है।

रपट के अनुसार इस सूची में 239 ऐसी कंपनियां हैं जिनके मुख्यालय भारत से बाहर है पर वे भारत में काम करती है।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर

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