10वीं-12वीं में टॉप करने की रेस होगी खत्म: छत्तीसगढ़ बोर्ड इस सत्र से जारी नहीं करेगा मेरिट लिस्ट

10th-12th Merit System CGBoard: छत्तीसगढ़ में 10 वीं 12वीं के लिए नहीं जारी होगी मेरिट लिस्ट, इस वजह से बोर्ड ने लिया फैसला।

10वीं-12वीं में टॉप करने की रेस होगी खत्म: छत्तीसगढ़ बोर्ड इस सत्र से जारी नहीं करेगा मेरिट लिस्ट

10th-12th Merit System CGBoard: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने अब से दसवीं और बारहवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है, हालांकि इस पर अभी विचार-विमर्श जारी है। समिति की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इसे उच्च स्तर पर भेजा जाएगा, और हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

दूसरे राज्यों की व्यवस्था से सीख लेगा बोर्ड

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपनी नई व्यवस्था के लिए पड़ोसी राज्यों से जानकारी प्राप्त करने की तैयारी की है। इसके तहत, पड़ोसी राज्यों के शिक्षा मंडल को खत भेजकर पूछा जाएगा कि वे प्रावीण्य सूची के संदर्भ में कौन सी व्यवस्था अपनाते हैं। राज्य की शिक्षा प्रणाली में बदलाव के बाद, अंतिम निर्णय शिक्षाविदों से सलाह और अन्य राज्यों की व्यवस्था के निरीक्षण के बाद लिया जाएगा।

मेरिट लिस्ट नहीं होगी जारी, सब एक ही कैटगरी में

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) ने कोरोना काल के बाद से ही मेरिट प्रथा को समाप्त कर दिया था। सीबीएसई अब केंद्रीय और राज्य स्तर पर किसी भी मेरिट सूची की घोषणा नहीं करता। इसके अलावा, मध्य प्रदेश बोर्ड भी अब दसवीं और बारहवीं कक्षा की मेरिट सूची जारी नहीं करेगा, जिससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

करोड़ों की बचत, परीक्षा प्रणाली में बदलाव

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा टॉप-टेन में आने वाले छात्रों को हर साल डेढ़ लाख रुपये की राशि दी जाती है, साथ ही हेलीकॉप्टर राइडिंग जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इस पर हर साल 1 से 2 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, लेकिन नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यह राशि बच जाएगी। इसके साथ ही पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी आने की संभावना है।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के बीच अस्वस्थ प्रतियोगिता को समाप्त करने और उन्हें एक स्वस्थ वातावरण में शिक्षा देने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। टॉपर्स लिस्ट सिस्टम को समाप्त करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को तुलनात्मक दबाव से मुक्त करना और उन्हें चिंतामुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर देना है। इससे बच्चों में हीन भावना कम होगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

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