सस्ता लोन दिलाने के नाम पर 10 करोड़ की ठगी का मामला, 5 और फर्जी कंपनियों का खुलासा

भोपाल: सस्ता लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 5 और फर्जी कंपनियों का खुलासा किया है। जिसे गिरोह के मास्टर माइंड डेविड कुमार जाटव का ही बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी ठगी के पैसों को 16 बैंक खातों में ट्रांसफर कराता था। अभी सायबर क्राइम ब्रांच इन बैंक खातों की डिटेल जुटा जा रही है।

इस गिरोह को परिवार के ही कुछ लोग चलाते थे। ठगी का मुख्य आरोपी डेविड जाटव, उसकी मंगेतर और साली मिलकर इस गैंग को चला रहे थे। तीनों ने अपने सहयोगियों के साथ मिल कर करीब 10 हजार लोगों को ठगी का शिकार बनाया। जिन्हें कल सायबर क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा है।

यह गिरोह कॉल सेंटर में 25 से 30 लड़कियों को काम पर रखे हुए था। पुलिस के अनुसार जब भी कोई लोन सर्च करता था। इनकी फर्जी वेबसाइ़ट इंटरनेट पर दिखाई देती थी और लोग झांसे में आकर इनसे संपर्क कर लेते थे। गिरोह में सक्रिय ये लोग अपनी बातों में फंसाकर अलग-अलग चार्ज के नाम से लोगों से रुपए अपने अकाउंट में डलवाते थे। पैसे आ जाने के बाद ग्राहकों से बात करना बंद कर देते थे।

10 हजार लोगों को बनाया शिकार

इस गिरोह ने ऐसे करीब 10 हजार लोगों से ठगी को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि, ये गिरोह एक वेबसाइट को ज्यादा दिन तक इस्तेमाल नहीं करते थे। जिससे ठगी करते थे उसे बंद कर दूसरी वेबसाइट बनाकर दूसरे ग्राहक को अपना शिकार बनाते थे।

गिरोह का मास्टर माइंड है डेविड जाटव

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मास्टर माइंड डेविड कुमार जाटव है, जो इस गिरोह को चलाता था। आरोपी डेविड ने ऑनलाइन वेब डिजाइनिंग का कोर्स किया है। ग्राहकों से ठगी करने के लिए यह फर्जी वेबसाइट बनाता था। इसके लिए इसने यूपी में स्थिक नोएडा में 2 कॉल सेंटर भी खोल रखे थे। जिसमें 25-30 लड़कियां कॉल करने का काम करती थीं।

25 मोबाइल और 6 लैपटॉप मिले

पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 6 लैपटॉप, 21 पेन ड्राइव, 25 मोबाइल, 8 सिम कार्ड, 19 डेबिट कार्ड और अन्य कई दस्तावेज बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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