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Weather सबसे गर्म रहा सोमवार


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। शहर में पारा 49 डिग्री के पार चला गया है। लू के थपेड़ों से लोगो का हाल बेहाल है। उत्तर पश्चिमी राजस्थान से चल रही गर्म हवाओं के कारण हाई टेम्प्रेचर की स्थिति निर्मित हो रही है। मौसम विभाग ने तापमान में और वृद्धि होने की संभावना के साथ अलर्ट जारी किया है। इस समय प्रदेश में बिलासपुर 49.3 डिग्री के साथ सबसे ज्यादा गर्म है। मौसम विभाग के अनुसार मई महीने में यह बिलासपुर का अबतक का सबसे अधिक तापमान है।


वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सागर, भोपाल, रीवा और ग्वालियर के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बाकी बचे जिलों का मौसम साफ रहा। साथ ही दिन में रीवा का तापमान सामान्य से काफी तेज रहा। बाकी बचे जिलों के तापमान में खास उतार चढ़ैव नही देखा गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान की अगर बात करें तो, 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान प्रदेश के मंडसा में दर्ज हुआ।


मध्यप्रदेश का तापमान


भोपाल का अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, इंदौर का अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबलपुर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, ग्वालियर का अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।


छत्तीसगढ़ का तापमान


रायपुर में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, बिलासपुर का अधिकतम 44.9 तापमान डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जगदलपुर का अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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नर्मदा नदी के संरक्षण और लगातार हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि नर्मदा नदी से रेत खनन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा प्रदेश की बाकी सभी नदियों से मशीन से रेत निकालने पर भी रोक लगा दी गई है। दरअसल, नर्मदा यात्रा शुरू होने के बाद से ही रेत खनन पर रोक लगाने की मांग उठ रही थी। हाल में हरदा के छीपानेर में जब नर्मदा नदी के बीचों बीच 28 सड़कें बनाकर रेत खनन की तस्वीर सामने आई तो पार्टी के अंदर से भी इस दिशा में कदम उठाने की मांग तेज हो गई। विपक्ष पहले ही रेत खनन पर रोक लगाने की मांग कर रहा था।


अब सरकार ने खनन मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है, जिसमें आईआईटी खड़गपुर के एक्सपर्ट्स भी शामिल होंगे। कमेटी जांच करेगी कि नर्मदा से कितना रेत खनन किया जा सकता है।


नर्मदा से रेत खनन पर रोक के साथ ही सरकार रेत की मैन्युफैक्चरिंग पर भी विचार कर रही है। पत्थरों को पीस कर रेत बनाने वालों से सरकार तीन साल तक कोई रॉयल्टी नहीं लेगी।


5 महीने लंबी चली नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान सरकार ने नर्मदा संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए नदी को जीवित इकाई का दर्जा दिया। वृक्षारोपण करने और नदी को प्रदूषित ना करने का संदेश दिया। अब सरकार ने ये भी फैसला लिया है कि 18 शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही रेत खनन पर रोक नदी की धारा को अविरल रखने की दिशा में बड़ा कदम है। अब देखना होगा सरकार अपने इस मिशन को कैसे पूरा करती है।


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