'राजनीति'

बगावत का बिगुल, निकाय चुनाव के टिकट बंटने के साथ ही सुनाई दिए बागी सुर।

1/7/2015 12:00:00 AM

इंदौर, भोपाल, जबलपुर और छिंदवाड़ा नगरनिगम के चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने पार्षद पद के लिए भी उम्मीदवारों के नाम एलान कर दिया। लेकिन कांग्रेस को गुटबाजी का खतरा सता रहा है। गुटबाजी तो बीजेपी में भी देखने को मिल रही है। अब इसी गहमागहमी के बीच प्रचार का शोर भी शुरू हो जाएगा।

 

नारागजी फिर नारेबाजी

 
नारेबाजी के साथ नाराजगी, ये नजारा इंदौर में दिखा। बीजेपी ने सोमवार को पार्षद प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की। तो बगावत का बिगुल भी बज उठा। बागी सड़कों पर उतर आए करीब दो दर्जन वार्डों में बागियों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया।

 

बागियों के तेवर

 

बागियों के तेवरों के बीच मेयर और पार्षदों के प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इंदौर में मेयर पद की दोनों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इधर भोपाल में मुकाबला कैलाश मिश्रा और आलोक शर्मा के बीच है। तो वहीं जबलपुर में कांग्रेस की गीता तिवारी और स्वाती गोडबोले के बीच मुकाबला है। छिंदवाड़ा में जरूर कांग्रेस अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर सकी है। हर किसी ने अपनी जीत के दावे किए हैं। लेकिन नामांकन के दौरान भी गुटबाजी का नजारा देखने को मिला। भोपाल में कैलाश मिश्रा के साथ कांग्रेस के एकमात्र विधायक आरिफ अकील नहीं दिखे, तो जबलपुर में गीता तिवारी के साथ कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं दिखाई दिया। हालांकि जीत का दावा सभी ने किया।

उठ रहे बगावत के सुर

 

इससे पहले हुए निकाय चुनाव के दौरान भी दोनों ही पार्टियों में बगावत देखने को मिली थी। दोनों ही पार्टियों ने ऐन मौके पर बगावत को थामने की कोशिश भी की। इसबार भी सुर बगावत के है और मुसीबत पार्टियों की।


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