'राजनीति'

बड़े नेताओ में तालमेल की कमी से हारी कांग्रेस, सेवा दल संगठन मंत्री मिर्जा बेग का बयान, पूरे चुनाव में अलग अलग दिखे अरुणयादव और कटारे।

05 Dec 2014

नगरीय निकाय के चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस नेताओ ने माना है की आपसी तालमेल की कमी के कारण कांग्रेस को बड़े शहरो में जीत से दूर कर दिया। हालांकि कांग्रेस नेता ये भी मानते है कि पार्टी की जमीन अब भी प्रदेश में काफी मजबूत है। प्रदेश कांग्रेस के दो बड़े नेता सत्यदेव कटारे और अरुण यादव पूरे चुनाव के दौरान अलग अलग खड़े दिखाई दिए।

बड़े शहरों से हुआ सफाया
एक बार फिर कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का समय आ चुका है। पार्टी में शुरू होगी हार के कारणों की खोज। संगठन इस प्रक्रिया को शुरू करेगा सो करेगा, मगर चुनाव के ठीक बाद जमीनी हकीकत देखने के लिए एआईसीसी ने नेताओं को तैनात कर दिया था। कांग्रेस सेवा दल के संगठन मंत्री मिर्जा नूर बेग ने हकीकत देख भी ली। वो ये कि कांग्रेस की हार का कारण रहा बड़े नेताओ में तालमेल की कमी।

कहां हुई पार्टी से चूक?
जिस बात का जिक्र संगठन मंत्री ने किया। वो चुनाव प्रचार के दौरान दिखाई भी दिया था। प्रचार का जिम्मा अरुण यादव ने संभाला था। मगर कांग्रेस की बाकी टीम कहीं भी सक्रिय दिखाई नहीं दी। मगर कांग्रेस ये मानने के लिए तैयार नहीं कि किसी तरह के सामंजस्य की कोई कमी थी। बल्कि नेताओं की नजर में परिणाम उत्साहजनक हैं।

थोड़ी बेहतर स्थिति
पीसीसी उपाध्यक्ष की बात सुनकर राजनीतिक पंडित थोड़ा जरूर चौंक सकते है। मगर इस दावे के पीछे की हकीकत देखे तो समझ आता है कि कांग्रेस ने नगर परिषद के चुनाव जीतकर थोड़ा बेहतर जरूर किया है। मगर बीजेपी की नजर में चूक उसकी तरफ से हुई, जिससे कांग्रेस जीत पाई ।

ऐसा हश्र क्यों?
ये भी तय है कि कांग्रेस ने जहां जहां जीत दर्ज की। वहां प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि ज्यादा अहम रही है बजाए पार्टी की। देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी का ऐसा हश्र क्यों हो रहा है। ये तो पार्टी नेताओं को ही देखना होगा।

9 नगर निगमों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ
मतदान का जो रिजल्ट सामने आया, उसके मुताबिक बाजी बीजेपी के नाम रही। पार्टी ने 9 नगर निगमों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। यानी इन नगर निगमों के मेयर पद बीजेपी ने जीत लिए हैं। इतना ही नहीं शहर में परिषद भी बीजेपी की ही बनी है, लेकिन नतीजे में एक खास बात ये भी है कि, 100 नगर परिषदों के चुनाव में बीजेपी को थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी है। 100 में 40 फीसदी पदों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है। इससे पहले चुनाव में बीजेपी को मिली बंपर जीत को लेकर पीसीसी चीफ ने निशाना साधा था। अरुण यादव ने बीजेपी की जीत को पैसे और पावर की जीत करार दिया।


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