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पिता बैगा, बेटे की जाति कोल ! बैगा जनजाति के लोगों से मजाक

7/5/2018 12:00:00 AM


शहडोलः प्रशासन का अनूठा कारनामा सामने आया है, जहां विशेष संरक्षित बैगा जनजाति के बच्चे जाति के फेर में उलझे हुए हैं। सरकारी दस्तावेजों में पिता की जाति तो बैगा ही है, लेकिन बच्चों को कोल जाति का बता दिया गया। हालात ये हैं कि ना तो उन्हें किसी तरह की सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है और ना ही उनकी कोई सुनवाई हो रही है। मामला बुढ़ार के खैरहनी गांव का है, जहां 50 बैगा परिवारों के बच्चों का उपनाम यानि उनकी जाति बदल दी गई है। आधार कार्ड, अंकसूचियां और जाति प्रमाण पत्र समेत सभी दस्तावेजों में कोल जाति लिखी हुई है। परिवारों का कहना है कि दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बच्चों की जाति सही करने की मांग की है और कहां है कि जब तक जाति नहीं बदली जाति वो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, जिम्मेदार अधिकारी मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, वहीं जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।


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