'देश'

रियल लाइफ "हिंदी मीडियम", बेटे का एडमिशन कराने बिजनेसमैन बना "गरीब"

10 Apr 2018

अब बात, एक ऐसे अमीर बाप की जो एडमिशन कराने के लिए बन गया झोपड़ी में रहने वाला। फिल्म हिंदी मीडियम तो देखी होगी आपने, उसमें भी कुछ ऐसी ही घटना घटती है, लेकिन फिल्म की एंडिंग और इस रियल लाइफ की एंडिंग में बहुत अंतर है। रियल लाइफ की इस कहानी में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


फिल्म की कहानी भी दिल्ली की ही थी और अब जो रियल हिंदी मीडियम का मामला सामने आया है वो भी दिल्ली का ही है। पुलिस की गिरफ्त में अब आरोपी शख्स गौरव गोयल आ चुका है। पेशे से बिजनेस मैन हैं, दौलतमंद हैं, लेकिन उसपर आरोप है कि गरीबी का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल में अपने बेटे का एडमिशन करवा दिया। 


'राइट टू एजुकेशन' के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखने का प्रावधान है। गोयल ने अपने बेटे का एडमिशन 2013 में इसी कोटे से करवाया था। 67 हजार रुपए सालाना आय का फर्जी सर्टिफिकेट भी बनवाया था। उसने फर्जी वोटर कार्ड और बर्थ सर्टिफेकट भी बनवाए थे। गौरव ने स्कूल में बताया था कि वो एक एमआरआई सेंटर में काम करता है।


ये पूरा मामला तब सामने आया जब गोयल ने अपने दूसरे बच्चे का एडमिशन कोटा के तहत करवाने की कोशिश की। स्कूल प्रबंधन ने जब दोनों बच्चों के डॉक्यूमेंट्स का मिलान किया तो पाया कि दोनों में काफी अंतर है। इसके बाद स्कूल ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। पता चला कि गोयल एक एमआरआई लैब का मालिक है और दालों का होलसेल बिजनेस भी करता है। वो 20 देशों में घूम चुका है। गरीब बच्चे की सीट पर अपने बच्चे के एडमिशन के लिए एक अमीर कागजों में फर्जी तरीके से गरीब बन गया। 



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