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हनुमान जन्मोत्सव की धूम, मंदिरों में लगा भक्तों का तांता

3/31/2018 12:00:00 AM

आज देश भर में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है। इस बार की हनुमान जयंती बेहद खास है, क्योंकि इस बार विशेष संयोग बन रहे हैं। 9 साल बाद ऐसा अवसर आया है, जब हनुमान जयंती मार्च के महीने में पड़ी है। इससे पहले 2008 में ही हनुमान जयंती 31 मार्च को आई थी। इसके बाद 2009 से 2017 तक हनुमान जयंती अप्रैल महीने में आई थी। आज सभी हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। भजन मंडलियां हनुमान धुन में रमी हैं और कई जगहों पर भंडारे के आयोजन भी कराए जाएंगे।



हनुमान मंदिरों में विशेष पूजन


राजधानी भोपाल में मंदिरों में धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जा रही है। संकटमोचन की पूजा के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। पूरे विधि विधान से पूजा कर भक्त हनुमान जी को खुश कर रहे है। शहर भर के मंदिर बजरंग बली के जयकारे से गूंज रहे हैं।



सिद्धेश्वर मंदिर में सुंदर कांड पाठ का आयोजन


पूरे देश के साथ छिंदवाड़ा में भी आज धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जा रही है। सिमरिया गांव में हर साल की तरह कमलनाथ अपने पुत्र और बहू के साथ श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। मंदिर में सुंदरकांड के पाठ किया गया। यहां 101 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा है। इस मंदिर को सांसद कमलनाथ ने ही बनवाया है। 101 फीट ऊंचे हनुमान जी की प्रतिमा के दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। स्थानीय स्तर पर मंदिर प्रांगण में भजन मंडलियां भजन कर रही है और भंडारे का कार्यक्रम भी रखा है। शाम को ही मंदिर प्रांगण में जागरण का आयोजन किया जाएगा।



वही 1 अप्रैल को संत मोरारी बापू सुबह 10 बजे कमलनाथ के साथ मंदिर में दर्शन करेंगे और  शहर के दशहरा मैदान में दोपहर 12 बजे से प्रवचन करेंगे। बताया जाता है कि चुनाव प्रचार के दौरान जब कमलनाथ लौट रहे थे, तभी सिमिरया गांव के पास उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचा था, जिसके बाद सांसद कमलनाथ ने इस स्थान पर 101 फीट के हनुमान की प्रतिमा स्थापित कराई है।


हनुमान जयंती के मौके पर कमलनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और कामना की आने चुनावी साल में मध्यप्रदेश के विकास में एक नया नक्शा बने। वही कमलनाथ ने कांग्रेस के संकट मोचन की भूमिका के सवाल पर कहा है कि, दूसरी पार्टियां धर्म के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन हम धर्म को राजनीति से नहीं जोड़ते है।


वही, कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ ने राजनीति में आने से अभी इनकार किया है। नकुलनाथ ने एक बार फिर यही बात दोहराई की मेरे पिता अभी भी युवा है और 2018 और 2019 में भी युवा रहेंगे। मैं उनका हमेशा साथ देता रहूंगा।



रोकड़िया हनुमान मंदिर लगा भक्तों का तांता



बुरहानपुर जिले के उख्खड गांव में हर साल की तरह इस साल भी मेले का आयोजन किया गया।  मान्यता हैं कि, जो भी भक्त यहां अपनी मुराद लेकर आता हैं, उसकी सारी मानोकामनाएं पूरी होती हैं। रोकडीयां हनुमान जी की मूर्ति 400 साल पुरानी है, ये मूर्ति 15 से 20 सालों में ढाई फीट से 7 फीट में परिवर्तित हो गई है। ये मूर्ति हर साल तिल-तिल बढ़ती नजर आती है। मंदिर का निर्माण मदुरई से आए कारीगरों ने किया है।

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