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Weather रिमझिम बरसे बदरा...

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में रिमझिम बारिश हो रही है। राजधानी भोपाल में दोपहर को बूंदा-बांदी हुई। इसके बाद झमाझम बारिश का अंदेशा जताया जा रहा है। राजधानी के अलावा इटारसी, होशंगाबाद, बुधनी में देर रात से बारिश होती रही। सुबह रुक-रुक कर बारिश का दौर रहा।

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बीजेपी और अनुषांगिक संगठनों के बीच तालमेल पर मंथन

भोपाल : अनुषांगिक संगठनों के साथ बीजेपी के तालमेल को लेकर RSS ने दो दिन तक गंभीर मंथन किया। दो दिन चली इस बैठक में संघ के नेता भैयाजी जोशी ने सरकार-संगठन और अनुषांगिक संगठनों के बीच समन्वय को लेकर क्लास ली। भैयाजी जोशी की क्लास में अनुषांगिक संगठनों, बीजेपी पदाधिकारियों और सांसद-मंत्री मौजूद रहे। जहां ये बात खुलकर सामने आई कि अनुषांगिक संगठनों के साथ पार्टी का तालमेल बेपटरी हो चुका है। किसान मोर्चा और ABVP जैसे संगठनों ने आरोप लगाया कि मंत्री उनकी सुनते नहीं, मिलने का वक्त नहीं देते। वहीं बेलगाम ब्यूक्रेसी का मसला एक बार फिर उठा। मंत्रियों और सांसदों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं। फोन कॉल्स का जवाब नहीं देते।



संघ मानता है कि बीते कुछ समय में बीजेपी का जनाधार खिसका है, जिसे वापस पाना अब पहली प्राथमिकता है। यही वजह है कि सभी वर्गों और विचारधाराओं को साथ जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई। बाबा साहेब अंबेडकर के बाद अब बीजेपी को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को अपना बताने से गुरेज नहीं है। कुल मिलाकर संघ ये संदेश देना चाहता है कि सत्ता में आने के बाद जो खामियां बीजेपी संगठन में शुमार हो चली हैं। अगर वो वक्त रहते दूर नहीं की गईं तो राजनीतिक समीकरण बिगड़ते देर नहीं लगेगा। बैठक में शामिल सभी पदाधिकारियों-मंत्रियों को सख्त हिदायत दी गई थी कि वो बैठक के बारे में कुछ भी सार्वजनिक न करे।



2 दिन चली इस बैठक में भैयाजी जोशी के अलावा संघ और बीजेपी के समन्वयक कृष्ण गोपाल, क्षेत्र प्रचारक अरुण जैन और अशोक सोहानी भी शामिल हुए। जैसी कि संघ का काम है, यानी बीजेपी को रास्ता दिखाना। एक बार फिर संघ मार्गदर्शक के तौर पर अपने राजनीतिक संगठन की खामियां दुरुस्त करने में जुट गया है।

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छतरपुरः म.प्र. में जननी सुरक्षा योजना वाकई में दम तोड़ चुकी है। जननी सुरक्षा के वाहनों की लापरवाही जननियों की जान से खिलवाड़ कर रही है। छतरपुर में एकबार फिर मामला सामने आया जहां जननी सुरक्षा का वाहन नहीं पहुंचा तो जननी को प्रसव के लिए छह किमी पैदल चलना पड़ा।


जो सिस्टम की नाकामी है। ऐसा सिस्टम जो आम आदमी के लिए काम करता नजर तो आता है मगर करता कुछ नहीं है। इसी सिस्टम का शिकार संध्या यादव हुई, जिसे प्रसव पीड़ा हुई तो अस्पताल तक जाने के लिए छह किमी पैदल चलना पड़ा। वो भी इस दलदली भरे रास्ते से आशा कार्यकर्ता हरीबाई ने जननी एक्सप्रेस को कई बार फोन लगाया मगर कोई सहायता नहीं मिली। 


नजारा नया नहीं है, नरसिंहपुर में जननी एक्सप्रेस की लापरवाही के चलते एक महिला को साइकिल रिक्शा खींचना पड़ा था। जननी एक्सप्रेस का समय पर ना पहुंचना कई महिलाओं की जान मुश्किलों में डाल रहा है इस मामले में भी केवल जांच का रटा रटाया जवाब दिया जा रहा है।


समरेठा से सरकना मुख्य मार्ग तक करीब छह किमी सड़क जरा सी बरसात होने पर दलदल में तब्दील हो जाती है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों से होकर रास्ता तय करना पड़ता है। 11 अगस्त को ग्रामीणों ने बड़ामलहरा तहसील मुख्यालय पर जाकर रोड को  मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ने की मांग उठाई थी लेकिन उसके बाद भी समस्या का कोई हल नहीं निकला।


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