खबरे सबसे तेज
Weather रीवा में रहा सबसे कम तापमान

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। बात करें न्यूनतम तापमान की तो प्रदेश के सभी जिलों में खास परिवर्तन नहीं देखा गया। साथ ही रीवा, होशंगाबाद और जबलपुर में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। साथ ही प्रदेश में सबसे कम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के रीवा में दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश का तापमान भोपाल का न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर का न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। छत्तीसगढ़ का तापमान रायपुर में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर का न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस, अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

और भी..
Today's Issue



भई अचानक ऐसा क्या हो गया, जो हमें साल 1967 का ये गीत आपको सुनाना पड़ रहा है। इस गीत का मुख्य किरदार है गधा और संयोग देखिए। 50 साल बाद यही गधा देश की चुनावी राजनीति की धुरी बन गया है।


सिलसिला शुरू हुआ गुजरात के जंगली गधे यानी घुड़खर के इस विज्ञापन से, जिसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन गुजरात पर्यटन का प्रमोशन करते दिखे। बस फिर क्या था। टीवी स्क्रीन और प्रमोशन से गधे को निकलते देर नहीं लगी और कच्छ के रण से निकलकर गर्दभ महाशय आ पहुंचे उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान पर। चुटकी ली अखिलेश यादव ने, तो पीएम मोदी पूरी व्याख्या के साथ गधे के पक्ष में दलीलें देने आ पहुंचे। मुद्दे कब हवा हुए, पता ही नहीं चला, क्योंकि सियासत बेहद गंभीरता से गधा पुराण को बांचने में मसरूफ हो गई।


22 करोड़ के करीब आबादी वाले उत्तर प्रदेश में गधा सबकी ज़ुबान पर है। इस बार वो अपनी पीठ पर सियासी तीर ढो रहा है। लेकिन सवाल है, गधे के प्रसंग को इतनी शिद्दत से खींचना कितना ज़रूरी था ? वैसे भी यूपी जैसे राज्य में मुद्दों की कमी नहीं और राजनीतिक दल अपनी प्रतिबद्धता जताने के लिए और भी प्रतीकों को चुन सकते थे। लेकिन नहीं, गधे को ही चुना गया। ख़ैर, राजनेताओं को सोचना होगा, आखिर क्यों तमाम खूबियों-खामियों के बीच वो जनता दिलों में जगह नहीं बना पाते, क्यों सियासत अब से 3-4 दशक पहले के स्तर पर नहीं है?


निरीह गधा तो अपने ऊपर किए जा रहे बहस-मुबाहिसे में हिस्सा भी नहीं ले सकता, लेकिन सियासतदां अगर चुनावी मुद्दों को तार्किक और केंद्रित रखें तो बेहतर होगा। ये उनके अपने चुनावी चयन की राह को आसान करेगा।


पूरी खबर देखने के लिए यहां क्लिक करें


और भी..
आज का सवाल

नतीजा            पिछला सवाल

क्या आप मोदी सरकार के 500 और 1000 के नोट बदलने के फैसले को सही मानते हैं ?


         

शेयर बाजार
Share Market BSE

Share Market NSE
मध्य प्रदेश
खबरें शहरो से
छत्तीसगढ़

Follow Us

       
विज्ञापन के लिए संपर्क करे
x