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Weather ठंड को आया रहम

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम साफ रहा। बात करें न्यूनतम तापमान की तो सभी संभागों के जिलों में खास बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा सिर्फ होशंगाबाद के जिलों में सामान्य से कम तापमान दर्ज हुआ। साथ ही प्रदेश का सबसे कम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के ग्वालियर में दर्ज हुआ।



मध्यप्रदेश का तापमान 


भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर का न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा।


छत्तीसगढ़ का तापमान


रायपुर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर का न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस, अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।


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आज हम जिस website  के बारे में बात करने जा रहे हैं, वो एक स्टार्ट अप है। यानी नई सोच के साथ शुरू किया उद्यम। ज़ाहिर है आपका अगला ख्याल होगा कि ये वेबसाइट किसलिए है। इसका जवाब दिलचस्प है और चौंकाने वाला भी हो सकता है जवाब आपकी त्यौरियां भी चढ़ा दे। तो साहब, स्टे अंकल नाम की वेबसाइट या एप अविवाहित युवक-युवतियों को साथ वक्त गुज़ारने का मौका देता है। वो भी आराम से होटल के कमरे में, बिना किसी दखल के। भोपाल में इसी महीने इसकी शुरुआत होने जा रही है, जहां युवा एप के जरिए अपने साथी के साथ चुनिंदा होटलों में वक्त बिता सकेंगे।


देश के करीब 25 शहरों में स्टे अंकल काम कर रहा है। भोपाल की शुरुआत के अलावा रायपुर में भी ये युवाओं को घुलने-मिलने और खुलने का मौका दे रहा है। वैसे भी बीते 1 दशक में युवाओं की आकांक्षा तेजी से कुलांचे मारते हुए आगे बढ़ती ही जा रही है। इस पीढ़ी ने दोस्ती, प्रेम और सेक्स को भी नए तरीक़े से परिभाषित किया है और यही वजह है कि अब ऐसे प्लेटफॉर्म वजूद में आ चुके हैं।


बदलाव सबसे बड़ा सच है। युवा पुराने तौर-तरीकों को बदलने पर आमादा है, लेकिन कुछ संगठन इसे संस्कृति के विपरीत मानते हैं।


अविवाहित युवाओं का बंद कमरों में घंटों वक्त बिताना यकीनन एक बड़े वर्ग को गलत दिशा में जाना प्रतीत हो सकता है, लेकिन सबसे अहम है खुद युवा क्या सोचते हैं। जो युवा देश की सरकार चुन सकते हैं, वो अपना भला-बुरा और आज़ादी के मापदंडों को भी बेहतर समझते होंगे। चलते-चलते शनिवार को ही आए मुंबई हाईकोर्ट के एक फैसले की मजमून सुन लीजिए। एक खास मामले में कोर्ट ने कहा है कि बदलते समाज पर नैतिकता का भार है। सदियों से समाज मानता आया है कि शादी के वक्त लड़की का वर्जिन होना जरूरी है, लेकिन आज की पीढ़ी एक दूसरे से मिलने के अलग अलग तरीके अपना रही है। वो सेक्स को लेकर ज्यादा जागरूक है। समाज मुक्त होने की कोशिश कर रहा है लेकिन शादी से पहले सेक्स आज भी गलत माना जाता है। ऐसे में लड़की को नहीं भूलना चाहिए कि प्रेमी के साथ सेक्स का फैसला निजी विकल्प है।


https://www.youtube.com/watch?v=KR1xjU48eYo

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