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Weather मध्य प्रदेश में तीखे होंगे ठंड के तेवर, कई ट्रेनें लेट

भोपाल में रविवार सुबह से कोहरे की चादर छाई रही। विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई। कोहरे की वजह से यातायता प्रभावित हुआ है। कई ट्रेंने देरी से चल रही हैं। नाडा चक्रवात खत्म होने से कोहरे की चादर भी और घनी हो सकती है। कोहरा बढ़ने से अधिकतम तापमान में भी कमी आएगी। कमोवेश पूरे  प्रदेश में ठंड अब अपना असर दिखाने लगी है और आने वाले दिनों में इसके तेवर और तीखे हो सकते हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान जारी किया है। प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा रहा जहां रात का तापमान 13 डिग्री तक पहुंच गया।


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कतार बरकार, जनता बेकरार !

500 और 1000 के नोटों के बंद होने के करीब 25 दिन बाद देश में हालात कैसे हैं ? कालाधन, जाली नोटों पर हमले के दावे के बीच कैशलेस इकोनॉमी और डिजिटल तकनीक को अपनाने को लेकर बहस भी ज़ोरों पर है। इन सबके बीच चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। सबसे बड़ी चुनौती है, बैंकों और एटीएम के बाहर रुपए निकालने के लिए उमड़ रही लंबी-लंबी कतारें। ज्यादातर जगहों पर कैश की कमी होने से बैंक लोगों को ज़रूरत के मुताबिक पैसे नहीं दे पा रहे हैं। वहीं एटीएम भी कैश न होने से निराश ही कर रहा हैं, हालांकि वित्त मंत्रालय का दावा है कि 500 के नोटों के पर्याप्त मात्रा में आने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। वहीं सरकार का कहना है कि देशहित में 50 दिन तक इंतजार किया जाना चाहिए।


उधर अलग-अलग मंचों पर नोटबंदी पर अपनी बात रखने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन पर अपनी बात रखी है। इस प्लेटफॉर्म पर पीएम ने फिर कैशलेस लेन-देन की अपील की है। साथ ही युवाओं से कहा कि वो दूसरों को कैशलेस अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें। इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए सरकार आधार नंबर से लेन-देन मुहैया करवाने की तैयारी में है। खबरें हैं कि इसके लिए एक एप बनाया जा रहा है।


भविष्य की योजनाओं के बीच इस वक्त चुनौतियां मौजूदा हालात से निपटने की भी हैं। इनमें एटीएम के बाहर लंबी कतारें, पैसे जमा करने के लिए लाइन, पैसा निकालने की मुसीबत, खराब नोटों की समस्या, नोट बदली बंद होना, पेट्रोल पंप, टोल पर पुराने नोट बंद होने से होने वाली दिक्कतें अहम हैं। सरकार और आरबीआई के लिए इस वक्त ज्यादा से ज्यादा नोट मुहैया करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। जानकार तो ये भी मानते हैं कि इस वक्त सरकार को मित्र देशों की करंसी प्रेसों से नोट छपवाना चाहिए, जिनकी सुरक्षा का स्तर भी काफी ऊंचा है। वहीं इस बात का भी ध्यान रखना है कि इस पूरी एक्सरसाइज़ में कहीं बिज़नेस तो ठप नहीं हो रहा है। इस वक्त नौकरी पैदा करना वाले समूह में डर कम करने पर जोर होना चाहिए। साथ ही ये भी सुनिश्चित होना चाहिए कि आयकर अधिकारी लोगों से अच्छा बर्ताव करें।


बहरहाल, इस वक्त सरकार को बेहतर से बेहतर तैयारियों और रणनीति के साथ आना होगा। साथ ही आश्वस्त करना होगा कि देश की आर्थिक सेहत के लिए उसके पास पूरा प्लान है। चाहे सोना हो या जमीन, लोगों में मन में बसे डर को निकालना होगा।

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