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Bhakti Ke Rang, Simhasth 2016

सिंहस्थ में शामिल होने आए सेक्स स्कैंडल विवाद में फंसे नित्यानंद इस बार मूर्ति के कारण विवादों में आ गए हैं। दरअसल कैंप में भगवान की मूर्ति के साथ नित्यानंद की मूर्ति भी रखी गई हैं और लोग उसकी पूजा कर रहे हैं। पंडाल में शिव-पार्वती की पांच टन वजनी पंच धातु से बनी 12 फीट की मूर्ति रखी गई है। इसी मूर्ति के ठीक सामने नित्यानंद की साढ़े तीन फीट की मूर्ति लगी हुई है। मूर्ति लॉस एंजेलिस से बनकर आई है। इसके अलावा कैंप में दोनों ओर लगी 20 से ज्यादा मूर्तियों में भी देवी-देवताओं के साथ नित्यानंद की मूर्ति बनी हुई है। अखाड़ा परिषद नित्यानंद की मूर्ति का विरोध कर रहा है। परिषद के संतों का कहना है, कि नित्यानंद भगवान के बराबर नहीं है और न हीं उनकी अभी मृत्यु हुई है। संतों ने पूरे मामले को अखाड़ा परिषद में उठाने की बात कही है। वहीं नित्यानंद के अनुयायियों का अपना तर्क है। उनका कहना है कि भक्तों ने मूर्ति दी हैं। शिष्यों के लिए गुरु भगवान के बराबर होते हैं।

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Simhasth 2016- Vyavsthaye

उज्जैन सिंहस्थ में प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को दस लाख इको-फ्रेंडली थैले  बांटेगी। इन थैलों पर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर और स्वच्छ सिंहस्थ का स्लोगन छपा होगा। NCC और स्काउट के करीब 700 छात्र श्रद्धालुओं को पॉलिथिन बांटेंगे। प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसला लिया गया है। इस दौरान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सिंहस्थ में स्वच्छता और जल संचय की कोशिशों की तारीफ की है।
(सिंहस्थ वीडियो न्यूज) कला उत्सव का आयोजन, बधाई लोकनृत्य ने बांधा समां
उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव के लिए शहर में 6 मंचों पर प्रदेश और देश की कलाओं का मंचन किया जा रहा है। बुधवार रात शहर के भरतमुनि मंच पर सागर के बधाई लोकनृत्य ने लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा कई आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। इस कला उत्सव का आयोजन भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग कर रहा है।

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Simhasth 2016- Kaisein Pahunche

 

उज्जैन : सिंहस्थ की ब्रांडिंग सीएम शिवराज सिंह चौहान देश-विदेश में कर रहे हैं। अब ट्रेनों में भी ब्रांडिंग शुरू कर दी गई है। मालवा एक्सप्रेस में सिंहस्थ की ब्रांडिंग शुरू की गई। जिसे देख यात्री काफी खुश दिखाई दिए। इंदौर से जम्मू के लिए जाने वाली मालवा एक्सप्रेस में श्रद्धालुओं को आमन्त्रण देने के लिए ट्रेन पर पोस्टर चिपकाए गए हैं। ताकि सिंहस्थ में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंच सकें।

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Simhasth 2016- Helpline

यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत आने पर इन नंबरों से संपर्क किया जा सकता है। लेकिन जानकारी के लिए कॉल सेंटर नंबर 1100 पर संपर्क किया जा सकता है।


 


फायर ब्रिगेड, उज्जैन

0734-2551933

सिविल अस्पताल, उज्जैन

0734-2551077

पुलिस कण्ट्रोल रूम, उज्जैन

0734-2527143

थाना अजाक, उज्जैन

0734-2527128

थाना देवासगेट, उज्जैन

0734-2552140

थाना जीवाजीगंज, उज्जैन

0734-2574576

थाना कोतवाली, उज्जैन

0734-2551173

थाना माधवनगर, उज्जैन

0734-2527134

थाना महाकाल, उज्जैन

0734-2551174

थाना नीलगंगा, उज्जैन

0734-2551172

थाना खाराकुआ, उज्जैन

0734-2551178

थाना भैरवगढ़, उज्जैन

0734-2574275

थाना चिमनगंज मंडी, उज्जैन

0734-2551179


 

 

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पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने विधानसभा में झूठी जानकारी देने के मामले के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सीएम को पत्र लिखा है। भार्गव ने मामले की जांच ईओडब्लू और लोकायुक्त को सौंपने की अनुशंसा की है। मामला एक साल पुराना है। विधानसभा में पूछे गए प्रश्न का उत्तर आपके नाम से प्रश्नोत्तरी में प्रकाशित हुआ है। इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि संपूर्ण प्रकरण की जांच कराए और अवैध रूप से आश्रय शुल्क के नाम पर राशि वसूल करने और उसका उपयोग करने एवं गलत तरीके से विधानसभा में प्रश्नोत्तर प्रस्तुत करने के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए। उचित होगा कि ये मामला लोकायुक्त या EOW को जांच के लिए सौंपा जाए
 

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने ये पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा है। विधानसभा में पूछे गए जिस उत्तर का जिक्र गोपाल भार्गव कर रहे है दरअसल वो 2015 के मॉनसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन की तरफ से पूछा गया था। प्रश्न इंदौर के शहरी क्षेत्रों से सटे हुए ग्राम पंचायतों से आश्रय शुल्क के नाम पर 57 करोड़ रुपए वसूलने और इस राशि को नगरीय क्षेत्र में खर्च किए जाने के बारे में पूछा गया था।

विधानसभा में इस प्रश्न का लिखित जवाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया जिसमें उन्होंने माना कि 57 करोड़ रुपए शहरी क्षेत्र में खर्च किए गए। जिसे लेकर गोपाल भार्गव ने आपत्ति उठाई है। पंचायत मंत्री का कहना है कि कॉलोनाइजर एक्ट पंचायत क्षेत्रों में लागू नहीं होता। राजस्व अधिकारियों ने इस राशि की वसूली की और कहीं ना कहीं गुमराह करने की कोशिश की है।

तो क्या गोपाल भार्गव ने ये मसला उठाकर ब्यूरोक्रेसी के बेलगाम होने की तरफ इशारा किया है ? मामला यहीं नहीं थमता। हाल ही में खत्म हुए बजट सत्र में भी कई विधायक आरोप लगा चुके है कि अधिकारी गलत जानकारी देकर मंत्रियों को गुमराह करते है और ये केवल राज्य का मसला नहीं है। बल्कि केंद्र में बैठी सरकार भी इससे दो चार होती है। पिछले दिनों लोकसभा में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका जिक्र किया था।

पीएम मोदी ने एक बात पर जोर देकर कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में दूर बैठकर नजारा देखने का ब्यूरोक्रेसी को मौका मिलता है। पीएम मोदी ने यहां तो सत्तापक्ष और विपक्ष की राजनीति का जिक्र किया मगर प्रदेश में सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच ही ऐसी ही राजनीति हो रही है। पीएचई मंत्री कुसुम मेहदेले ने पिछले दिनों पंचायतों की नीलामी का बयान देकर कहीं ना कही पंचायत विभाग को कटघरे में खड़ा किया, तो पंचायत मंत्री ने इसपर पलटवार किया।

दरअसल राजनीति इन दिनों जिस मुहाने पर जाकर खड़ी हुई है, वहां केवल आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है और इसमें चुनी हुई सरकारों का गुड गवर्नेंस का जनता से किया वो वादा पीछे छूट जाता है। जिसके दम पर सरकारें बनती है। बदलाव तो नेता ही ला सकते हैं। क्या ऐसा हो सकेगा? सबसे बड़ा सवाल तो ये है।

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क्या मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य में भी शराब पूरी तरह बैन होनी चाहिए?


         

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